जानिए कौन सा वो शहर है जहाँ सिर्फ 40 दिन का पीने का पानी बचा है

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मॉनसून ने पुरे भारत देश में दस्तक दे दी है , लेकिन अभी भी कई ऐसे शहर हैं जहां अभी भी बारिश नहीं हुई है। मानसून की देरी के कारण कई शहरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है , और साथ ही कई शहरों को जल्द ही गंभीर जल संकट से घिरा हुआ भी देखा जा सकता है । इस साल अगस्त के अंत तक हैदराबाद अपने पीने के पानी को खो सकता है।एक रिपोर्ट के अनुसार,जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश से जलाशयों को पानी नहीं मिल रहा है जिससे हैदराबाद एक गंभीर और अत्यधिक जल संकट से घिर रहा है। हैदराबाद में अब सिर्फ 40 दिनों का पेयजल बचा हुआ है.

हैदराबाद और सिकंदराबाद के दो शहरों और ग्रेटर हैदराबाद के आस-पास के इलाकों में पीने के पानी की आपूर्ति अगस्त के अंत तक अधिकतम हो सकती है। जल बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर मानसून हैदराबाद में आने में ज़रा भी देरी करता है , तो सितंबर के दूसरे सप्ताह से हैदराबाद में लोगो को पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है। पिछले साल की तुलना में जुलाई में, इस वर्ष जल स्तर 12 फीट नीचे है.

तेलंगाना में मॉनसून की शुरुआत के बाद से, नागार्जुनसागर (कृष्णा), श्रीपदा येलमपल्ली (गोदावरी) और उस्मानसागर और हिमायतसागर के जलाशयों से पीने के पानी के स्रोतों में शायद ही कोई ताजा प्रवाह होता है।HMWSSB के अधिकारियों ने कहा कि इस समय तक सभी जल स्तरों में 5-10 फीट तक का स्तर बढ़ जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्तरों पर 1 फीट पानी भी नहीं डाला गया है। श्रीपद येलामपल्ली में इसका स्तर पिछले साल 11 जुलाई को 468 मीटर था और इस साल यह 459 मीटर पर है और यह दर्शाता है कि यह स्तर 9 मीटर नीचे चला गया है।यह आंकड़े जल संकट की गंभीरता को दर्शाता है।

हालांकि, अधिकारियों को अच्छी बारिश की उम्मीद है.

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