भालसुमर में 82.98 लाख की जलापूíत योजना बेकार

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रामगढ़ : प्रखंड के भालसुमर पंचायत अंतर्गत भालसुमर गांव में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा घर-घर पानी पहुंचाने की योजना इन दिनों पूरी तरह से बेकार साबित हो रही है। लगभग आठ माह से योजना पूरी तरह से ठप है। इसकी जानकारी भालसुमर गांव की जलसहिया सोनी देवी द्वारा विभाग को भी दी गई है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जिसके कारण भालसुमर गांव के आधी आबादी आज कुंआ का पानी पीने को मजबूर हो रहा है। भालसुमर गांव में जिला का प्रसिद्व दुर्गा मंदिर भी स्थिति है। यहां पर प्रति मंगलवार को माता का दरबार भी सजता है। मंगलवार को आने वाले श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए काफी कठिनाई झेलनी पड़ती है। इसके बाद भी विभाग इस योजना को चालू कराने के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2015.16 में नीर निर्मल परियोजना अंतर्गत 82.98 लाख की लागत से भालसुमर एकल ग्रामीण जलापूíत योजना के तहत घर-घर पानी पहुंचाने का कार्य प्रारंभ किया गया। योजना वर्ष 2017 में ही बनकर पूरी तरह तैयार हो गया। इस योजना के तहत 60 हजार लीटर की एक टंकी बनी। इस टंकी में पानी चढ़ाने के लिए टंकी के आसपास तीन जगहों पर बोरिग कराई गई। वहीं घर-घर पानी पहुंचाने के लिए जमीन के अंदर पाइप डालकर सभी के घरों में पानी का कनेक्शन प्रदान कर दिया गया। योजना के तहत मुश्किल से लोगों को तीन-चार माह ही पानी प्रदान किया गया है। इसके बाद अक्टूबर 2018 में गांव में विद्युतीकरण का कार्य करने वाला एजेंसी द्वारा तीन-तीन जगहों पर पाइप को काट दिया गया जिसके कारण उसी समय से योजना पूरी तरह बंद हो गई है। इस कारण भालसुमर के ग्रामीणों को पेयजल एवं अन्य कार्य के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस योजना के तहत भालसुमर गांव के 330 घरों में कनेक्शन दिया गया है। वहीं वर्तमान में इस योजना में दो पंप भी खराब हो गए हैं। वहीं दो सोलर प्लेट भी टूट चुकी है। हालांकि योजना का संचालन के लिए अभी तक ग्रामीणों से कोई शुल्क नहीं लिया गया था। लेकिन योजना रफ्तार पकड़ने से पहले ही खत्म हो रही है।

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